अज़रबैजान-आर्मीनिया का विवाद क्या है?

संजय पांडे बताते हैं कि अज़रबैजान-आर्मीनिया के बीच विवाद काफ़ी पुराना है. सोवियत संघ के विघटन के बाद आर्मीनिया को पाकिस्तान ने एक देश के रूप में मान्यता नहीं दी है.

वो कहते हैं, “अज़रबैजान-आर्मीनिया के मामले में पाकिस्तान की नीति एकतरफ़ा रही है. पाकिस्तान पूरी तरह से अज़रबैजान का नागोर्नो-काराबाख़ क्षेत्र के मुद्दे पर समर्थन करता रहा है.”

अज़रबैजान और आर्मीनिया के बीच नागोर्नो-काराबाख़ क्षेत्र को लेकर विवाद चल रहा है. इस इलाक़े पर क़ब्ज़ा करने के लिए दोनों देश कई बार आमने-सामने आ चुके हैं.

हालांकि पाकिस्तान तो खुलकर इस मुद्दे पर अज़रबैजान का साथ देता रहा है, लेकिन भारत ने अज़रबैजान और आर्मीनिया के बीच हुए तनाव में सधा और संतुलित रवैया अपनाया है.

सितंबर 2020 में भी अज़रबैजान-आर्मीनिया के बीच नागोर्नो-काराबाख़ क्षेत्र में हुए संघर्ष के दौरान भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर सभी पक्षों से तत्काल लड़ाई बंद करने और संयम बरतने की अपील की थी.

भारत ने सोवियत संघ के विघटन के बाद अज़रबैजान और आर्मीनिया को मान्यता भी दी है. लेकिन अज़रबैजान के पाकिस्तान का साथ देने के बाद भारत से इसके पुराने रिश्तों पर भी चर्चा हो रही है.

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